:
Breaking News

बिहार को मिलेगी बुलेट रफ्तार: वाराणसी–सिलीगुड़ी हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर की डीपीआर छह महीने में, पटना बनेगा अहम जंक्शन

top-news
https://maannews.acnoo.com/public/frontend/img/header-adds/adds.jpg

पटना। बिहार में आधुनिक रेल कनेक्टिविटी का सपना अब महज प्रस्ताव तक सीमित नहीं रह गया है। वाराणसी से सिलीगुड़ी तक प्रस्तावित हाई-स्पीड बुलेट ट्रेन परियोजना तेजी से आगे बढ़ रही है और इसकी विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) अगले छह महीनों के भीतर तैयार किए जाने की योजना है। इस महत्वाकांक्षी परियोजना में पटना की भूमिका बेहद केंद्रीय मानी जा रही है, जहां से होकर यह कॉरिडोर गुजरेगा और राज्य को देश के प्रमुख आर्थिक व औद्योगिक क्षेत्रों से तेज़ी से जोड़ेगा।
परियोजना से जुड़े अधिकारियों के अनुसार, पटना जिले में करीब 65 किलोमीटर लंबा एलिवेटेड बुलेट ट्रेन कॉरिडोर विकसित किया जाएगा। शहरी घनत्व और सीमित भूमि उपलब्धता को ध्यान में रखते हुए पटना में ट्रैक का अधिकांश हिस्सा एलिवेटेड रखा जाएगा, ताकि यातायात और मौजूदा ढांचे पर न्यूनतम प्रभाव पड़े। इसके लिए जिले के 60 से अधिक गांवों की पहचान की गई है, जहां आवश्यकता के अनुसार भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया अपनाई जाएगी।
पटना में बुलेट ट्रेन का मुख्य स्टेशन फुलवारीशरीफ स्थित एम्स के समीप प्रस्तावित है। इसके अलावा एम्स, फुलवारीशरीफ और पाटलिपुत्र स्टेशन के आसपास एलिवेटेड ट्रैक के निर्माण को लेकर गहन मंथन चल रहा है। योजना यह है कि शहर के भीतर तेज़ रफ्तार रेल के साथ-साथ सामान्य जनजीवन का संतुलन बना रहे और विकास का दबाव नियंत्रित ढंग से आगे बढ़े।
परियोजना के तहत पर्यावरण संतुलन पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है। पटना जिले में एलिवेटेड ट्रैक के निर्माण के दौरान लगभग 3,885 पेड़ प्रभावित हो सकते हैं। इन्हें काटने के बजाय दूसरी जगह स्थानांतरित करने यानी ट्रांसप्लांट करने की तैयारी है। इसके लिए वन विभाग से अनापत्ति प्रमाण पत्र लेने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी, ताकि विकास और पर्यावरण के बीच संतुलन बना रहे।
पूरे प्रोजेक्ट के लिए केवल पटना जिले में लगभग 138 हेक्टेयर भूमि की आवश्यकता आंकी गई है। इसके साथ ही बक्सर, भोजपुर, मोकामा, क्यूल, जमालपुर और सुल्तानगंज जैसे इलाकों में भी ट्रैक के लिए गांवों का चिन्हीकरण किया जा रहा है। इससे स्पष्ट है कि यह परियोजना केवल राजधानी तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि पूरे बिहार के कनेक्टिविटी नेटवर्क को नई दिशा देगी।
केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण तथा इलेक्ट्रॉनिकी एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव पहले ही वाराणसी–सिलीगुड़ी बुलेट ट्रेन परियोजना की औपचारिक घोषणा कर चुके हैं। प्रस्तावित योजना के अनुसार, बिहार में इस हाई-स्पीड ट्रेन का प्रमुख ठहराव पटना और कटिहार में होगा। लगभग 350 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली यह ट्रेन वाराणसी से पटना होते हुए सिलीगुड़ी की दूरी मात्र 2 घंटे 55 मिनट में पूरी करेगी।
दानापुर मंडल में हुई प्रेस वार्ता में अधिकारियों ने बताया कि यह कॉरिडोर उत्तर बिहार और सीमांचल के इलाकों को देश के प्रमुख शहरों से सीधे जोड़ने में अहम भूमिका निभाएगा। यात्रा समय में भारी कमी के साथ-साथ व्यापार, उद्योग और पर्यटन को भी नई गति मिलने की उम्मीद है। माना जा रहा है कि यह परियोजना बिहार के इंफ्रास्ट्रक्चर विकास में एक ऐतिहासिक मोड़ साबित होगी और राज्य को आधुनिक परिवहन के मानचित्र पर नई पहचान दिलाएगी।

https://maannews.acnoo.com/public/frontend/img/header-adds/adds.jpg

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *